वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

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आवास, केवल घर नहीं, बल्कि पूरी शहरी व्यवस्था का हिस्सा है - यूएन रैज़िडेंट कोऑर्डिनेटर

भारत में संयुक्त राष्ट्र के रैज़िडेंट कोऑर्डिनेटर स्टेफ़ान प्रीज़नर ने कहा है कि आवास को अब मात्र एक घर बनाने की प्रक्रिया के रूप में नहींबल्कि बड़ी शहरी व्यवस्था के हिस्से के रूप में देखा जाना होगा. उन्होंने अज़रबैजान में 'विश्व शहरी मंच' के 13वें सत्र के दौरान यूएन न्यूज़ के साथ एक बातचीत में कहा कि लोगों तक जल, स्वच्छता, परिवहन, आजीविका, सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं और जलवायु सहनसक्षमता पहुँचाना भी उतना ही ज़रूरी है.

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UNDRR: ‘डिजिटल महामारी’ से निपटने के लिए विशाल तैयारी ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों ने हाल ही में एक अहम रिपोर्ट जारी की जिसमें Digital Pandemic यानि डिजिटल महामारी का ज़िक्र किया गया. इस रिपोर्ट का नाम है - When digital systems fail: An expert report on the hidden risks of our digital world - यानि जब डिजिटल सिस्टम नाकाम हो जाएँ हैं तो क्या हो सकता है.

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वर्ष 2026 यूएन स्वयंसेवा (UNV) को सतत विकास की स्थाई शक्ति बनाने का अवसर

वर्ष 2026 संयुक्त राष्ट्र स्वयंसेवा (UNV) की भूमिका को नए सिरे से देखने का अवसर है - विशेषकर ऐसे समय में, जब समुदायों तक स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और सरकारी योजनाओं की पहुँच को और मज़बूत बनाने की ज़रूरत है. ये कहना है यूएन स्वयंसेवक कार्यक्रम (UNV) के एक वरिष्ठ अधिकारी आन्द्रेई पोगरेबन्याक का जिन्होंने वर्ष 2026 में बेहतर नीतियोंअधिक निवेश और स्वयंसेवकों के लिए मज़बूत समर्थन की दिशा में ठोस बदलाव पर ज़ोर दिया है.

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'80 साल के दौरान एक भी महिला नहीं बन सकी है यूएन प्रमुख, भला क्यों', 'ऐनालेना बेयरबॉक

संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष ऐनालेना बेयरबॉक ने कहा है कि यह विश्व संगठन, लैंगिक समानता की बात करता है मगर इसके 80 वर्ष के अस्तित्व के दौरान एक भी महिला को इसकी बागडोर सम्भालने का अवसर नहीं मिला है. उन्होंने अपनी भारत यात्रा के दौरान चेतावनी भरे शब्दों में ये भी कहा कि बहुपक्षवाद और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून केवल दबाव में ही नहीं हैंबल्कि उन पर सीधा हमला हो रहा है.

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AI के लाभ सभी तक पहुँचना ज़रूरी, UNDRR प्रमुख कमल किशोर

आपदा जोखिम न्यूनीकरण (UNDRR) के अध्यक्ष और यूएन प्रमुख के विशेष प्रतिनिधि कमल किशोर का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का विकास समावेशी होना बेहद ज़रूरी है जिसमें सबकी भागेदारी हो, ताकि वैश्विक दक्षिण के देश पीछे नहीं छूटें और इसके लाभ सभी तक समान रूप से पहुँच सकें.

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जलवायु कार्रवाई के लिए AI की सब के लिए सुलभता ज़रूरी - UNEP

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जलवायु कार्रवाई का रूप बदल सकती है - AI कार्बन उत्सर्जन को अधिक सटीकता से मापने और आपदाओं का पहले से अनुमान लगाने में मदद करती है. लेकिन इसके पूरे लाभ पाने के लिए ज़रूरी है कि डेटा मुक्त रहेनवाचार सन्तुलित नियमों के साथ आगे बढ़ें और विकासशील देश पीछे नहीं छूटें.

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आवास संकट अब वैश्विक आपदा, धनी-निर्धन सभी प्रभावित - UN Habitat प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र की पर्यावास एजेंसी - UN-Habitat ने चेतावनी दी है कि बढ़ती असमानता, जलवायु परिवर्तन का दबाव और तेज़ नगरीकरण, दुनिया भर में आवास संकट को और गम्भीर बना रहे हैं. इसका सबसे अधिक असर अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लाखों लोगों पर पड़ रहा है, जो बढ़ते जोखिमों का सामना कर रहे हैं.

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WFP - ‘कम संसाधनों में बेहतर काम’- अस्थिर दुनिया में भूख का मुक़ाबला

दुनिया भर में भूख यानि खाद्य अभाव, रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है और लगभग 30 करोड़ लोग, गम्भीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं. विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) का कहना है कि वह तेज़ और अधिक प्रभावी सहायता पहुँचाने के लिए, तकनीक, साझेदारी एवं आन्तरिक सुधारों का उपयोग कर रहा है.

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समावेशी AI से कृषि में बदलाव सम्भव - IFAD

दुनिया भर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का वजूद और प्रयोग तेज़ी से बढ़ रहा हैलेकिन विकासशील देशों के लिए इसका असली लाभ बड़े मंचों में नहींबल्कि ऐसे सरल और उपयोगी साधनों में है जिन्हें किसान आसानी से इस्तेमाल कर सकें. स्थानीय भाषाओं में खेतीबाड़ी के बारे में सलाहप्रारम्भिक चेतावनी सन्देश और बाज़ार जानकारी जैसे डिजिटल उपकरण, छोटे किसानों के फ़ैसले लेने तथा जोखिम सम्भालने के तरीक़े बदल रहे हैं.

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'विकासशील देशों की चुनौतियाँ हल करने में छोटे AI समाधान कारगर'

विश्व बैंक का कहना है कि विकासशील देशों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की असली क्रान्ति बड़े और महंगे मॉडलों से नहीं, बल्कि स्थानीय समस्याएँ सुलझाने वाले छोटे और कम लागत वाले उपायों से आएगी.